मेन इन ब्लैक, एलियन और युएफऔ की सच्ची घटनाए (Real Incident Of Men In Black, Aliens And UFOs)

हम सभी को एलियन (Alien) और यूएफओ (UFOs /Unidentified flying object) की फिल्में देखना पसंद है। इंसान के मन में हमेशा से ये जिज्ञासा रही है, की क्या हमारी धरती के बाहर कोई जीवन है? क्या दूसरे गृह पर लोग रहते है? अगर रहते है, तो क्या वह दोस्ताना स्वभाव के होंगे या वो हमारे दुश्मन है? हमारी इसी जिज्ञासा की वजह से हॉलीवुड में एलियन (Aliens) पर कई फिल्में भी बनी है। इसी में से एक दूसरे गृह के जीवो की जो सबसे मशहूर फिल्म सीरीज मैन इन ब्लैक (Men in Black) तो आपने देखी ही है। मूवी में दो व्यक्ति विल स्मिथ (Will Smith) और टॉमी ली जोंस (Tommy Lee Jones) खुफिया एजेंट होते हैं। मानव जाति को ब्रह्मांड की सभी बुराइयों से बचाते हैं। और पृथ्वी की रक्षा करते हैं। अब सवाल यह उठता है, कि क्या मेन इन ब्लैक (Men in Black) वास्तव में भी थे?

सन 1947 की बात है, जब युएफऔ (UFOs /Unidentified flying object) का ज़िकर लोगों में बढ़ने लगा था इसके पीछे दो बड़ी घटनाएं हैं। सन 1947 में जून महीने में केंथ आर्नोल्ड (Kenneth Arnold) नामक एक व्यक्ति ने आकाश में ढेर सारे मेटल क्राफ्ट को वाशिंगटन (Washington) में उड़ते देखा और एक महीने बाद ही एक मेटल क्राफ्ट की न्यू मैक्सिको (New Mexico) में दुर्घटना हो गई।

Real Incident Of Men In Black, Aliens And UFOs



दूसरी घटना यह थी कि हेरोल्ड दहल (Harold Dahl) नामक एक व्यक्ति ने बताया कि जब वह एक तालाब में लकड़ियों के लट्ठे को लेकर जा रहा था तब अचानक उसकी नाव के ऊपर बहुत सारे डोनट के आकार के विमान मंडराने रहे थे। और ऐसा लगा वह आकाश में धातु का मलबा फेक रहे थे। जिसके कारण उसके बेटे को कई चोट आई और उसके कुत्ते की मृत्यु हो गई। उसने बताया कि अगले दिन अजीब से लिबाज़ में एक व्यक्ति ने उसके घर का दरवाजा खटखटाया और उसे नाश्ते के लिए आमंत्रित किया। उस आदमी ने काले रंग का सूट पहन रखा था, और नाश्ते के दौरान उसने पूर्व दिन की घटनाओं का उल्लेख करना शुरू किया। अंत में उस आदमी ने हेरोल्ड (Harold) को उस दिन के बारे में किसी को भी बताने से मना किया और धमकाया कि यदि किसी से उस दिन का जिक्र किया तो उसका परिवार सुरक्षित नहीं रह पाएगा। आज मोरी आईलैंड वाली घटना को झूठ माना जाता है, क्योंकि हेरोल्ड ने मरने से पहले यह दावा किया था कि इस घटना में कोई सच्चाई नहीं है, या फिर उसने ऐसा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कहा था?

सन 1950 में उन सभी लोगों ने, जिन्होंने अपनी आंखों से युएफऔ (UFO) के सामान वस्तु देखी थी उनका कहना है, कि मैन इन ब्लैक (Men in Black) यानि दो आदमी काला सूट पहनकर उनसे मिलने आए थे। और उन्हें धमकाते थे कि किसी को उस बात की खबर न मिल सके। बहुत से सिद्धांतकारों का कहना है, कि वह आदमी सरकारी कर्मचारी थे जो जनता को यूएफओ (UFO) से संबंधित जानकारी से भ्रमित करना चाहते थे। लोगों का कहना यह भी है, कि मेन इन ब्लैक (Men in Black) ज्यादातर उन्हें सुबह या रात में सोते समय मिलने आते थे। उनकी चमकदार आंखें होती थी और उनसे सल्फर (Sulphur) या ब्रिमस्टोन (Brimstone) की तरह महका आती थी।

इतिहास कई बातों का गवाह है। मेन इन ब्लेक (Men in Black) के भी ऐसे कई किस्से कहानियां हैं। परंतु कोई नहीं जानता कि उनमें कितनी सच्चाई है? कोई नहीं जानता कि वह कौन थे? कहां से आए थे? और किस उद्देश्य से आए थे? कुछ लोगों का मानना है, कि वे रोबोट (Robots) थे जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट (Artificial Intelligence) से चलाया जाता था। कुछ का मानना है, कि वह मिलिट्री एयरफोर्स या ख़ुफ़िया संगठन से थे। खैर जो भी हो, जो भी वे लोग थे आज हम उन्हें कॉमिक्स और मूवी के जरिए समझने की कोशिश करते हैं। जो किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम करते हैं, और हमारी पृथ्वी को सभी मुसीबतों से बचाते हैं।

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