इतिहास के एक असली भेडियमानव की कहानी (Manuel Blanco Romasanta The Werewolf of Allariz)

आपने भेडियमानव की कई कहानिया सुनी होगी। जिसमे कोई आदमी किसी श्राप के कारन या भेड़िये के काटने की वजह से वियर वुल्फ बन जाता है। और फिर दूसरे लोगो का शिकार करता है। पर सवाल ये है की क्या भेड़िया मानव या werewolf सच में होते है। स्पेन में रहने वाले एक आदमी का तो यही कहना था की उसके ऊपर वेयरवोल्फ बनने का श्राप है। जिसके कारण उसने कई लोगो की हत्या कर दी थी।


यह कहानी स्पेन के सबसे पहले सीरियल किलर मैनुअल ब्लांको रोमसंता (Manuel Blanco Romasanta) की है, जिसे आज लोग वेरुल ऑफ अलरीज (Werewolf Of Allariz) और वुल्फ मैन (Wolfman) भी कहते हैं। मैनुअल का जन्म 18 नवंबर 1809 को रेगुएरो नामक एक शहर में हुआ था, जो स्पैन में स्थित है। लोग कहते हैं, कि उसकी परवरिश उच्च वर्ग के लोगो में हुई थी क्योंकि उस समय पढ़ना और लिखना सिर्फ मुट्ठीभर जनता के भाग्य में ही हुआ करता था। समय के साथ साथ उसकी उम्र तो बड़ी परंतु उसका कद काठी 4 फुट 6 इंच और 4 फुट 11 इंच के आसपास ही रह गई। बाद में वह एक दर्जी बन गया और उसने शादी कर ली। परंतु किसी कारणवश उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई तब उसने एक यात्री विक्रेता यानि ट्रेवलिंग सेल्समेन का व्यापार शुरु कर दिया। व्यापार के लिए वह कई शहरों में घूमता था।


सन 1944 में  मैनुअल पर एक हत्या का आरोप लगा, वह हत्या लियोन के विसेंट फर्नॅंडेज़ नामक एक सिपाही की थी। जांच के अनुसार वह सिपाही मेनुअल से अपना कर्ज चुकता करने आया था। दुर्घटना के तुरंत बाद मैनुअल ने एक फर्जी पासपोर्ट बनाया और फरार हो गया। जिसके चलते उसे हत्या का दोषी माना गया और 10 वर्षों की सजा सुनाई गई। वह रिबॉडिकाओ नामक एक छोटे से गांव में छुपा रहा। वहां जाकर उसने गांव की महिलाओं के साथ घनिष्ठता बना ली थी। कुछ सालों बाद जिन महिलाओं ने उसे काम पर रखा था वो सभी और गांव के बच्चे लापता होने लगे। अंत में ऐसी अफवाह आने लगी कि मैनुअल ने ही उनका उन्हें अगवा कर उनकी हत्या कर दी है, और वह उनके शरीर की चर्बी को साबुन बनाने के उद्देश्य से उपयोग करता है। इसमें कोई शक नहीं था, कि मैन्युअल ने ही उनकी हत्या की थी इसलिए मैनुअल पर पुनह इस अपराध का आरोप लगाया गया।


जब मेनुअल पर मुकदमा चल रहा था तो उसने एक विचित्र बात का दवा किया । उसने कहा की वह लाइकेट्रोपी (lycanthropy) नामक एक बीमारी से ग्रस्त है। इस बीमारी से उसका तात्पर्य है, कि वह मानव शरीर से एक भेड़िये में परिवर्तित जाता है। उसने बयान में स्वीकार किया कि उसने 13 लोगो की हत्याए की थी, परन्तु ये हत्याए उसने भेड़िये में परिवर्तित होने के बाद की थी। मैनुअल के अनुसार उसे एक श्राप मिला था। इस घटना को मुकदमा नंबर 1778 ‘द वुल्फमैन (The Wolfman) नाम दिया गया।



उसने अपने बयान में कहा- "सबसे पहले में कोसो (Couso) की पहाड़ियों में भेड़िया बना, जहा मेरा दो क्रूर भेड़ियों से सामना हुआ और मैं अचानक जमीन पर गिर गया। मैं अपेक्षा महसूस करने लगा और कुछ ही समय बाद में भेड़िया बन चुका था। मैं उन भेड़ियों के साथ 5 दिन तक रहा तब तक जब तक की मैं वापस मानव शरीर में परिवर्तित नहीं हो गया।" जज की ओर देखते हुए उसने कहा- "हम लोगों का शिकार करते क्योंकि हमें हम भूखे थे, और इसी के चलते हम उन्हें खा जाते थे।" यह बात सुनकर अदालत में उसे अपने भेड़िए बन जाने वाली बात को साबित करने को कहा। परंतु उसका कहना था, कि उसका श्राप 13 वर्षों के लिए ही था और वह 13 वर्ष पिछले सप्ताह ही समाप्त हो गए हैं।


फॉरेंसिक सबूत से यह साबित हुआ कि उन लोगों की मृत्यु असली भेड़िए के हमले से हुई थी। मैनुअल को अन्य 9 हत्याओं का दोषी ठहराया गया और मैनुअल को मृत्यु की सजा सुनाई गई। उसके बाद एक फ्रेंच हिप्नोटिस्ट ने मिसनिस्ट्री ऑफ़ जस्टिस को खत लिखकर भेजा। जिसमें लिखा था कि मैनुअल स्वयं उस घटना के लिए दोषी नहीं था। वह वास्तव में लाइकेट्रोपी  नामक बीमारी से गुजर रहा था। जिसके चलते मैनुअल की सजा को कुछ समय के लिए टाल देना चाहिए ताकि उसके शरीर की जांच की जा सके। उससे 13 मई 1854 में सेलनोवा (Celanova) नामक शहर के जेल में ले जाया गया। परंतु वहां जाकर कुछ महीनों बाद मेनुअल की मृत्यु हो गई जिसे अखबारों ने पेट के कैंसर का नाम दे दिया।

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