भारत के इन स्कूलो को भूतो के डर की वजह से बंद करना पड़ा Haunted School That Closed By Fear Of Ghost

कई बार ऐसा बहुत सारे कारणों से होता होगा की आपका स्कूल जाने का मन नहीं होगा। और आप यह प्रार्थना करते होंगे की काश आज स्कूल की छुट्टी हो जाए। या तो होमवर्क ना करने की वजह से आप सोचते होंगे की काश आज बारिश आ जाए या फिर परीक्षा की तैयारी न होने की वजह से आपके मन में यह ख्याल आता होगा की किसी भी तरह से आज स्कूल की छुट्टी हो जाए तो कितना अच्छा होगा।

पर ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा की स्कूल बंद हुए हो। लेकिन क्या आपने कभी सुना है, की भूत-प्रेत के डर से कभी किस स्कूल को बंद किया गया हो? भुतहा घर की कहानिया तो आपने कई बार सुनी होगी। कई जगह के बारे में कहा जाता है, की वह राक्षस रहते है। लेकिन स्कूल में भूत की बात आपने शायद ही कभी सुनी होगी।

कलकत्ता से 150 किलोमीटर की दूरी पर कुसुम ग्राम नामक एक गांव है। सन 2007 जुलाई के महीने में वहां एक हाईस्कूल को भूतों के डर से बंद करना पड़ा, और आज उस ईमारत को लोग भूतिया कहते हैं।

Haunted School That Closed By Fear Of Ghost


10 जुलाई 2007 मंगलवार की बात है। एक विद्यार्थी प्रार्थना के दौरान बेहोश होकर गिर गया। अगले दिन चार विद्यार्थी बेहोश हुए और कुछ दिनों बाद करीब 11 छात्र ऐसे थे, जो बेहोश हुए थे। आश्चर्य की बात है, सभी लड़कियां ही थी। लोगों का कहना है, कि लड़कियों पर किसी प्रेत का श्राप था।

इसके अलावा पाठशाला के पास ही एक खाली घर था, जिसके मालिक की मृत्यु सन 1960 में ही हो गई थी। लोगों के अनुसार उस घर में आत्मा का निवास था। परंतु जो लोग उस घर की देखभाल करते थे, उन्होंने कभी कोई भूत नहीं देखा और ना ही किसी आत्मा का के अस्तित्व का अनुभव किया। लोगों में भूतों का खौफ को बढ़ता गया, और बच्चों के माता पिता ने उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया। कुछ समय बाद इस मुद्दे पर जांच हुई, और यह पाया गया कि ज्यादातर लड़कियां हिस्टीरिया नामक बीमारी की शिकार थी।

3 महीने के बाद अक्टूबर में डिग्री गर्ल्स हाई स्कूल नामक पाठशाला जो कि हावड़ा में स्थित था, वह भी बंद करवाया गया। इसका कारण था कि वहां के बच्चे ऐसी कई घटनाओं को महसूस करते थे, जिनका संबंध भूत-प्रेतों से था। कक्षा पांचवी के बच्चे ने कक्षा में चाक और डस्टर को हवा में उड़ते हुए देखा। कुछ बच्चों ने कक्षा में के बाहर एक पेड़ को जलते हुए देखा। अंतिम घटना तब हुई जब बच्चों को अजीब अजीब आवाजें सुनाई देने लगी। जल्दी ही बच्चों ने पाठशाला खाली कर दी, और स्कूल पूरे दिन बंद रहा।

इसके अलावा चेन्नई में एक छात्र की किसी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। और कुछ समय बाद ही चेन्नई के गर्ल्स स्कूल को बंद कर दिया गया, क्योंकि लोगों का कहना था की आत्माएं लड़कियों पर हमला कर रही है। और उनके कपड़ों पर खून के दाग छोड़ जाती है। कई माता पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया। चार सौ माता-पिता स्कूल के बाहर इकट्ठे हुए और गुहार लगाई कि सभी आत्माओं को स्कूल से निकाला जाए।

सिर्फ यही नहीं सन 2011 में लेडी हलीमा बेगम उर्दू स्कूल को बंद कर दिया गया। क्योंकि कई बच्चों ने वहां प्रेतात्माओं के अस्तित्व को महसूस किया था। एक बच्चे को ब्लैक बोर्ड पर लिखा हुआ पढ़ने को कहा गया, परंतु उसका कहना था कि ब्लैक बोर्ड पर कुछ नहीं लिखा था। उसके तुरंत बाद बच्चा जोर से भागा, क्योंकि उसने तब ब्लैक बोर्ड से बाहर आते एक भूत को देखा, जिसका आकार अंडे के सामान था। सभी बच्चे घबरा गए और पूरा दिन स्कूल को बंद रखा गया।

भारत में ऐसे कई स्कूल है, जो भूत प्रेतों के डर से बंद कर दिए गए हैं। असलियत क्या है, किसी को नहीं पता। आपको क्या लगता है, क्या यह बच्चों की शरारत थी? या हिस्टीरिया जैसी कोई बीमारी? या फिर वास्तव में आत्मा का प्रकोप था?

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